माँ बगलामुखी: परिचय एवं साधना के नियम

माँ बगलामुखी परिचय एवं साधना के नियम(Maa Baglamukhi : Introduction and Rules for Worship) माँ बगलामुखी की साधना करने के लिए सबसे पहले एकाक्षरी मंत्र ह्ल्रीं की दीक्षा अपने गुरुदेव के मुख से प्राप्त करें। एकाक्षरी मंत्र के एक लाख दस हजार जप करने के पश्चात क्रमशः चतुराक्षरी, अष्टाक्षरी , उन्नीसाक्षरी, छत्तीसाक्षरी (मूल मंत्र )…

https://www.vijaygoel.net/rahu/rahu-mahadasha-ke-prabhav-aur-upay/

राहु की खराब दशा के लक्षण, प्रभाव और उपाय | Effects and Remedies of Malefic Rahu

इस लेख में हम बात करेंगे, कैसे खराब से खराब राहु को बेहतर काम कर सकते हैं। राहु अपने आप में कलयुग के राजा कहे गए हैं, और ज्योतिष शास्त्र में उनका बड़ा ही महत्व है। राहु के बारे में कहा जाता है। कि सामान्यत: राहु जिस राशि में बैठता है, उसका तथा उसके स्वामी का स्वभाव ग्रहण कर लेता है।

कुंडली में पितृ दोष के लक्षण, प्रभाव और उपाय | Effects and Remedies of Pitra Dosh

आज के इस लेख में पितृदोष के बारे में जानेंगे। हिन्दू धर्म के अनुसार कुंडली में पितृदोष की बहुत ज्यादा वास्तविकता बताई गयी हैं। जैसे की दक्षिण–पश्चिम दिशा में पृथ्वी की ऊर्जा होती है। इस दिशा में पेड़ पौधे हो या दीवार का रंग हरा हो तो भी पृथ्वी की ऊर्जा समाप्त हो जाती है।